अमेरिका और चीन के बाद भारत तेजी से बढ़ता स्टार्टअप तंत्र बनता जा रहा है। दरसल Tracxn की एक रिपोर्ट के मुताबिक अकेले साल 2019 में ही भारत में लगभग दो हजार स्टार्टअप इनकार्पोरेट हुए हैं।

और दिलचस्प बात यह है कि इन दो हजार स्टार्टअप्स में से 50% निवेश हासिल करने में सफ़ल रहे हैं। इसके साथ ही वार्षिक Tracxn रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2019 में इन स्टार्टअप्स ने किस तरह का प्रदर्शन किया है।

आपको बता दें इस साल में स्थापित किए गए 1,894 स्टार्टअप्स में से लगभग 887 ने एक्सटर्नल फंडिंग प्राप्त की है। इनमें से सबसे अधिक OYO Rooms ने सीरीज F राउंड में $1.5 बिलियन, Paytm ने सीरीज G में $1 मिलियन और Udaan ने सीरीज D राउंड में $585 मिलियन का निवेश हासिल किया है।

होटल ब्रांड OYO, Treebo Hotels और FabHotels ने जहाँ कुल तौर पर सबसे अधिक $1.69 बिलियन की राशि जुटाई। वहीँ इसके साथ ही ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स फर्म जैसे Delhivery, Ecom Express, Elastic Run जैसे ब्रांड्स इस मामले में कुल तौर पर $641 मिलियन का निवेश हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे।

वहीँ वेंचर कैपिटल फर्मों के तौर पर Sequoia Capital सबसे अग्रणी रहा, जिसने 2019 में लगभग 60 निवेशों में भागीदारी की। इसके बाद Accel और Tiger Global क्रमशः 40 और 20 निवेशों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज रहे।

इसके साथ ही Steadview Capital और General Atlantic टॉप PEs में शुमार हुए।

इस बीच इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस दशक में भारतीय स्टार्टअप्स द्वारा जुटाई गई कुल फंडिंग 2010 के मुकाबले 25 गुना अधिक रही। 2010 में जहाँ यह आँकड़ा $550 मिलियन का रहा वहीँ 2019 में यह आँकड़ा $14 बिलियन तक पहुँच गया है।

वहीँ पिछले तीन वर्षों में दिल्ली-एनसीआर ने शहर के पैमाने में स्टार्टअप की संख्या में 33% की बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष का मुकाम हासिल किया है।

साथ ही दिल्ली-एनसीआर के बाद क्रमशः 21% और 13% की बाजार हिस्सेदारी लिए बेंगलुरु और मुंबई ने अपनी अपनी जगह बनायीं है।

वहीँ दिलचस्प रूप से बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप्स ने इक्विटी फंडिंग का ज्यादातर हिस्सा लगभग 47%  (पिछले तीन वर्षों में $16799 मिलियन) प्राप्त किया। वहीँ इसी अवधि में दिल्ली-एनसीआर और मुंबई क्रमशः 35% और 11% के साथ बेंगलुरु के बाद अपनी जगह बना सके।

खास यह रहा कि 2019 में नौ स्टार्टअप ने यूनिकॉर्न क्लब में अपनी जगह बनायीं, इनमें से सबसे अधिक दिल्ली-एनसीआर के स्टार्टअप रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.