OYO अक्सर सुर्ख़ियों में रहने का तरीका निकाल ही लेता है, फ़िर भले ही वह किसी सकारात्मक खबर के चलते हो या नकारात्मक। 

और अब इस बार यह लोकप्रिय भारतीय होटल एग्रीगेटर स्टार्टअप कुछ ऐसी खबर के चलते सुर्खियाँ बटोर रहा है, जो अक्सर यूनिकॉर्न स्टार्टअप के साथ जुड़ ही जाती है।

दरसल वह खबर है कर्मचारियों की छटनी की। जी हाँ! कंपनी अपने हाल के विश्वव्यापी आक्रामक विस्तार के बाद अब बड़े पैमाने पर अपने कर्मचारियों की छंटनी करने का मन बना रही है।

दरसल इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार OYO अपने ‘ऑपरेशन’ को ऑटोमेट करने के प्रयासों के चलते जनवरी 2020 के अंत तक 2000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकता है।

दरसल कंपनी अपने ऑपरेशन को और अधिक ‘टेक सक्षम’ बनाने के लिए काफी तेजी से प्रयास कर रही है, जिससे मैन पॉवर को लेकर कंपनी की निर्भरता कम हो जाए।

शायद वह वक़्त आ गया है, जब रोबोटों और ऑटोमेटिक प्रोसेस के चलते इंसानों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ सकता है।

बहरहाल आपको बता दें OYO अधिकांश छंटनी बिक्री, आपूर्ति और संचालन विभागों से कर सकता है, क्यूंकि इन्हीं क्षेत्रों में कंपनी द्वारा ऑटोमेशन के प्रोसेस को तेज किये जाने की उम्मीद है।

OYO के प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी कर्मचारियों के प्रदर्शन के लिए एक ग्रेडिंग प्रणाली रखती है। खराब ग्रेड वाले कर्मचारियों को अपने अपने प्रदर्शन में सुधार करने का व्यापक अवसर प्रदान किया जाता है।

और इसके बाद भी अगर उनकी ग्रेड में सुधार नहीं होता है तो कंपनी के पास उनकों निकालने के अलावा कोई और विकल्प मौजूद नहीं होता।

लेकिन कथित तौर पर इस छटनी में कंपनी ने संतोषजनक ग्रेड वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया है। दरसल सूत्रों के मुताबिक ‘डी’ रेटिंग वाले कर्मचारियों को भी जल्दी निकाला नहीं जाता है, लेकिन इस बार ‘बी’ और संतोषजनक प्रदर्शन करने वालों को भी कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।

हालाँकि OYO के प्रवक्ता ने यह स्वीकार किया है कि कंपनी कुछ कार्यों के लिए कर्मचारियों के बजाए तकनीक आधारित कोई विकल्प तलाश रही है। लेकिन उन्होनें यह भी कहा कि कंपनी में ऐसे कर्मचारियों को अन्य कई अवसर प्रदान किये जायेंगे। उन्होनें कहा;

“उदाहरण के लिए सेल्स से जुडें कुछ लोग कस्टमर सर्विस या बिज़नेस डेवलपमेंट टीम का हिस्सा बन सकतें है और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा की नए विभागों में जाने से पहले उन्हें पर्याप्त ट्रेनिंग आदि भी प्रदान की जाएगी, ताकि वह सफलतापूर्ण नए विभागों में भी काम कर सकतें।”

वहीँ OYO के ही एक कर्मचारी का कहना है कि कंपनी मैनपॉवर को लेकर लागत बचाने की कोशिश कर रही है और जिसके चलते वह छटनी कर रही है। 

दिलचस्प बात यह है छटनी में शामिल कर्मचारियों का औसत वेतन 10-12 लाख रुपये तक हो सकता है। और इसका साफ़ सा मलतब है कि ऐसे करने पर कंपनी करोड़ों रूपये की बचत का लक्ष्य बना रही है।

वहीँ एक अन्य जानकारी में यह भी सामने आया है कि कंपनी ने मुंबई में लगभग 180 लोगों की सेल्स टीम से इस महीनें में भी लगभग 120 की छुट्टी कर दी है।

दरसल आपको बता दें OYO का घाटा हर साल बढ़ता जा रहा है और 2019 में यह नुकसान का आँकड़ा छह गुना बढ़कर 2,384 करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है।

वहीँ इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से अब तक 100 शहरों में करीब 500 होटलों ने OYO से नाता तोड़ लिया है। हालाँकि OYO ने इन आंकड़ों को अस्वीकार किया है और उल्टा दावा किया है कि कंपनी ने अपने होटल और रूम पार्टनर्स की संख्या में वृद्धि दर्ज की है।

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