Google ने एक नया ख़ुलासा करते हुए दुनियाभर में हैकिंग संबंधी नए आयामों पर चर्चा की शुरुआत कर दी है। हालाँकि इन्हें नए आयाम कहना शायद ही उचित हो, क्यूंकि सरकार द्वारा हैकिंग के प्रयासों की खबरें दबी जुबान में अक्सर कभी कभी सामने आती रहीं हैं। 

जी हाँ! दरसल Google का कहना है कि कंपनी ने 149 देशों के उपयोगकर्ताओं को सरकार समर्थित हैकिंग के प्रति आगाह करते हुए करीब 12,000 चेतावनियाँ भेजीं हैं।

आपको बता दें Google का यह आँकड़ा महज़ तीन महीनें मलतब जुलाई से सितंबर 2019 तक की अवधि के बीच का है। आपको बता दें यह सभी खुलासे Google के TAG (Threat Analysis Group) द्वारा अपनी नई खतरे संबंधी विश्लेषण रिपोर्ट में किये गये हैं।

Google द्वारा लाइव किये गये एक ब्लॉग पोस्ट के अनुसार इन 12,000 सरकारी हैकिंग संबंधी चेतावनियों में सबसे अधिक अमेरिका, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और वियतनाम के उपयोगकर्ताओं के लिए भेजी गई थी।

इस बीच अलग अलग देशों के लिहाज़ से कोई व्यापक डेटा पेश नहीं किया गया है, लेकिन यह जरुर है कि भारत में 500 ऐसी चेतावनी संबंधी चीज़ें ही दर्ज की गई थीं।

इस बीच Google के थ्रेट एनालिसिस ग्रुप के शेन हंटले ने कहा,

“जुलाई से सितंबर 2019 तक हमने 149 देशों में उपयोगकर्ताओं को 12,000 से अधिक चेतावनी भेजी थी, जो उन्हें सरकार समर्थित हैकिंग के प्रति आगाह करती हैं। यह 2018 और 2017 की समान अवधि में भेजी गई चेतावनियों की संख्या (+/- 10%) के करीब है।”

इस बीच आपको बता दें Google ऐसा पहला ईमेल सेवा प्रदाता था जिसने इस तरह की चेतावनियों और हमलों पर डेटा साझा करना शुरू किया था। हालाँकि इसके बाद Microsoft और Yahoo ने भी ऐसा करना शुरू किया था।

इस बीच आपको बता दें एक सामान्य हमला, आमतौर पर फ़िशिंग, कुछ इस तरह दिखता है:

साथ ही यह भी बता दें कि TAG असल में 50 से अधिक देशों के 270 से अधिक टार्गेटेड या सरकार समर्थित ग्रुप को भी ट्रैक करता है। इन ग्रुप का मुख्य काम खुफिया संग्रह, Intellectual Property की चोरी, साइबर अटैक इत्यादि होता है।

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