आज के समय वायु प्रदूषण कोई छोटा विषय नहीं रहा है। देश का लगभग हर कोना वायु प्रदूषण का शिकार नज़र आता है। 

और ऐसे वक़्त में जब देश के कई हिस्सों ख़ासकर उत्तर और दक्षिण भारत में, जहाँ लोग खराब वायु गुणवत्ता के चलते अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी डरे हुए हैं। लेकिन अब ऐसे में हैदराबाद नगर निगम ने इसका एक तकनीकी समाधान तलाश लिया है।

जी हाँ! दरसल ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) शहर के चुनिंदा स्थानों पर आउटडोर एयर प्यूरिफाइंग यूनिट स्थापित करने जा रहा है।

द न्यूज मिनट की एक रिपोर्ट के अनुसार GHMC को पुणे स्थित क्लीनटेक स्टार्टअप Strata Enviro द्वारा सबसे पहले 500 ऐसे पब्लिक एयर प्यूरीफायर मुहैया करवाए जायेंगें। यह एयर प्यूरीफायर आउटडोर वायु प्रदूषण के नियंत्रक के तौर पर नज़र आयेंगें।

लेकिन इस बीच आपको बता दें कि GHMC ने अभी तक पुष्टि नहीं की है कि आखिर कितनी संख्या में इन पब्लिक एयर प्यूरीफायर को इंस्टाल किया जाएगा, लेकिन Strata Enviro का कहना है कि शहर में 500 ऐसे यूनिट्स की जरूरत पड़ सकती है।

प्यूरीफायर के हैदराबाद में तीन स्थानों, गाचीबोवली, जुबली हिल्स और पंजागुट्टा में स्थापित किए जाने की बात कही जा रही है।आपको बता दें कि यह ऐसी जगह हैं जहाँ घंटों के ट्रैफिक के चलते वायु प्रदूषण का स्तर काफी तेजी से बढ़ता रहता है।

आपको बता दें ऐसे हर पब्लिक एयर प्यूरीफायर की लागत उनकी क्षमता के आधार पर 50,000 रूपये से 12 लाख रूपये तक हो सकती है। 

इस बीच Strata Enviro के एमडी अमोल चापेकर के अनुसार Strata Enviro कंपनी का एयर फिल्टरिंग सिस्टम अब पेटेंट हो चुका है और मुंबई व दिल्ली में पहले से ही इसक सफ़ल परीक्षण किया जा चुका है।

जानकारी के लिए बता दें कि 2016 में स्थापित इस कंपनी के एयर प्यूरीफायर को दिल्ली की बसों पर लगाया गया है।

इन बसों में यह काम ऐसे करता है कि जब भी ट्रैफिक के कारण बस रुक जाती है, तो यह एयर प्यूरीफायर चालू हो जाता है और हवा को साफ करना शुरू कर देता है।

आपको बता दें कंपनी का दावा है कि उनकी परियोजना से संतुष्ट होने के बाद सरकार के विज्ञान विभाग द्वारा कंपनी को अनुदान राशि भी दी गई थी।

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